Depression Se Bahar Kaise Nikale | डिप्रेशन से बाहर कैसे निकलें

Depression Se Bahar Kaise Nikale | डिप्रेशन से बाहर कैसे निकलें

Depression Se Bahar Kaise Nikale – आज की आधुनिक दौर मे हम अपनी जरूरतों को पूरा करने मे इतना व्यस्त हो गये है की हमारे पास खुद के लिए समय ही नहीं बचा है । आज महंगाई, पारिवारिक जिम्मेदारिया तथा पारिवारिक झगड़े ने हमे इतना परेशान कर रखा है की हम अपनी ही जिंदगी जीना भूल गए है । और आये दिन हमारी परेशानीया हमे चिंता और डिप्रेशन का शिकार कब बना देती है ये हमे पता ही नहीं चलता है ।

शुरू शुरू मे तो हमे लगता है की हमारी उदासी एक मामूली उदासी है पर जब बहुत से लोगों के बीच भी हमारी उदासी कम नहीं होती बल्कि ये दिन प्रतिदिन बढ़ती ही जाती है । हमे किसी भी काम मे मन ही नहीं लगता है । कोई भी खुशी हमारे दिल मे सुकून नहीं पहुँचा पाती है तब हमे लगता है की हम किसी बीमारी के शिकार हो चुके है ।

पर समझने वाली बात ये है की हर उदासी डिप्रेशन नहीं होती है । कभी कभी कोई घटना जैसे नौकरी छूट जाना, किसी अजीज का दूर हो जाना, एक बुरा संबंध, कोई दुखद घटना, या अन्य किसी तरह का तनाव हमे उदास करती है । पर जब वो वक्त बीत जाता है या जब हम उस घटना से बाहर निकल जाते है तब हमारी उदासी दूर हो जाती है ।

वहीं दूसरी तरफ, जब आप डिप्रेशन के शिकार होते है तब ये बीमारी आपके विचारों, भावनाओं, समझ और व्यवहार को प्रभावित करता है। आप सिर्फ एक बात के बारे में उदास महसूस नहीं करते, बल्कि आप हर एक चीज को लेकर उदासी महसूस करते हैं। आप चाहे कितनी भी कोशिश कर ले आपकी ये उदासी खत्म नहीं होती है । कभी कभी ये समस्या इतनी गंभीर हो जाती है की डिप्रेशन के शिकार व्यक्ति के मन मे आत्महत्या जैसे विचार भी आने लगते है ।

आज सबसे बड़ी चिंता का विषय ये है की आज के समय मे सबसे ज्यादा डिप्रेशन का शिकार हमारा युवा वर्ग हो रहा है । इस बात की पुष्टि वर्ल्ड हेल्थ डे पर आई WHO की रिपोर्ट ने की है । जिसके मुताबिक़ पिछले एक दशक में डिप्रेशन के मामलों में 18% की बढ़ोतरी हुई है। उस रिपोर्ट की सबसे चौंकानेवाली बात रही 25% भारतीय किशोरों का डिप्रेशन का शिकार होना ।

WHO के रिपोर्ट पर बात न करते हुए चलिये हम इस पोस्ट मे जानते है की डिप्रेशन होने की कारण क्या है ?, ये कितने प्रकार का होता है ?, इसका लक्षण क्या है ? तथा बिना दवा के हम खुद इसका इलाज कैसे कर सकते है ?

Depression Se Bahar Kaise Nikale
Depression Se Bahar Kaise Nikale

Depression Se Bahar Kaise Nikale | डिप्रेशन होने के कारण

Read More-
Law of Attraction In Hindi A Miracle आकर्षण का नियम Part-1
YouTube Se Paise Kaise Kamaye in Hindi | यूट्यूब से पैसे कमाने का तरीका (2022)

डिप्रेशन होने के बहुत से कारण हो सकते हैं। ये कारण जैविक से लेकर हालातों की वजह से भी हो सकते हैं।

लेकिन डिप्रेशन के सामान्य कारणों में शामिल हैं

1- पारिवारिक कारण – पारिवारिक कारण से आप को दो तरह से डिप्रेशन हो सकता है । पहला – यदि आप के परिवार मे किसी को पहले से डिप्रेशन की समस्या रही हो तो आप में डिप्रेशन के विकसित होने का खतरा कहीं ज्यादा होता है। डिप्रेशन के अलावा मूड से जुड़ा कोई अन्य डिसऑर्डर होने पर भी आपको डिप्रेशन की समस्या हो सकती है।


दूसरा पारिवारिक कारण ये होता है की यदि ये डिसऑर्डर आनुवांशिक न भी हो तो तनावग्रस्त माहौल में पलने-बढ़ने वाले इंसान मे डिप्रेशन की समस्या हो सकती है ।

2- आत्मसम्मान में कमी या खुद की आलोचना करना – जब व्यक्ति के जिंदगी मे आत्मसम्मान की कमी होती है या उसकी किसी गलती के वजह से समाज मे उसकी आलोचना होती है तब वो डिप्रेशन की शिकार हो सकता है ।

3 – दिमागी संरचना – अगर आपके दिमाग के सामने का हिस्सा कम सक्रिय है तो, आपको डिप्रेशन होने के चांस कई गुना बढ़ जाते हैं। हालांकि वैज्ञानिक अभी तक ये पता नहीं लगा सके हैं कि दिमाग में ये परिवर्तन डिप्रेशन होने के बाद होते हैं या पहले हो जाते हैं।

4 – बचपन की सदमा – बचपन में घटने वाली कुछ घटनाओं का कई बार बच्चों के कोमल मन पर गहरा असर पड़ता है। कुछ घटनाओं की प्रतिक्रिया में शरीर में डर की भावना बैठ जाती है और मन थाेड़े से तनाव को झेल नहीं पता है। जीसके वजह से डिप्रेशन की समस्या होने की संभावना बढ़ जाती है ।

5- कुछ खास दवाओं के सेवन के कारण – कुछ बीमारिया ऐसी होती जिसमे दी जाने वाली दवाओ की वजह से भी डिप्रेशन जैसी बीमारी हो सकती है ।

6- किसी करीबी को खो देने के कारण – जब इंसान अपनी जिंदगी मे किसी ऐसे व्यक्ति को खो देता है जिसके बिना जीना संभव नहीं होता है तब ये सदमा धीरे – धीरे व्यक्ति को डिप्रेशन की शिकार बना देती है ।

7- आर्थिक समस्याओं के कारण – आज के समय मे महंगाई जिस रफ्तार से बढ़ रही है और रोजगार जिस रफ्तार से घट रही है वह आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को आसानी से डिप्रेशन की शिकार बना रही है ।

8- तलाक की वजह से – कई मामलों मे देखा गया है की जिन लोगों के बीच तलाक होती है उन मे से कई व्यक्ति डिप्रेशन के शिकार हो जाते है । तलाक जैसी घटना व्यक्ति को मानसिक रूप से काफी तकलीफ पहुँचती है । जीसके कारण व्यक्ति डिप्रेशन की शिकार हो जाता है ।

इन सभी घटनाओ को देखने के बाद एक बात सामने आती है की जिस घटना के वजह से व्यक्ति को मानसिक तकलीफ होती है वो घटना व्यक्ति को डिप्रेशन की शिकार बना सकती है।

मेडिकल कंडीशन (Medical Conditions)

Read More-
Muniba Mazari Biography in hindi | मुनिबा मज़ारी की जीवनी
Biography of J. K. Rowling in Hindi जे. के. रोलिंग की जीवनी

कुछ खास बीमारियों के कारण भी व्यक्ति मे डिप्रेशन की समस्या होने की संभावना बढ़ जाती है। इन बीमारियों में है :-

अनिद्रा/इंसोम्निया (Insomnia)
असहनीय दर्द (Chronic Pain)
असाध्य बीमारियां (Chronic Illness)
ध्यान अभाव सक्रियता विकार
आदि शामिल हैं

ड्रग्स का सेवन (Drug Use)
अगर किसी को ड्रग्स या अल्कोहल के सेवन की लत रही है तो उसे भी डिप्रेशन होने की संभावना काफी बढ़ जाती है।


डिप्रेशन के प्रकार (Types Of Depression in Hindi)

डिप्रेशन को लक्षणों की गंभीरता के आधार पर इसे दो भागों मे बाटा गया है :-

1- प्रमुख अवसादग्रस्तता विकार (Major Depressive Disorder)
2- सतत अवसादग्रस्तता विकार (Persistent Depressive Disorder)

1- प्रमुख अवसादग्रस्तता विकार – प्रमुख अवसादग्रस्तता विकार डिप्रेशन का सबसे गंभीर प्रकार है। इस प्रकार की डिप्रेशन मे रोगी को लगातार निराशा , उदासी , नाकाबिल होने की भावनाएं मन में घर कर जाती हैं। ये भावनाएं कभी भी अपने आप से दूर नहीं होती हैं।

डॉक्टर या मनोवैज्ञानिक का मानना है की इस प्रकार के मरीजों मे रोजमर्रा के कामों में रुचि कम हो जाता है । उनकी वजन
अचानक कम हो जाता है या बढ़ जाता है । दिन के ज्यादातर वक्त में अवसादग्रस्त रहते है । ज्यादातर वक्त वे थकान महसूस करते है । वे बहुत ज्यादा या बहुत कम सोते है । किसी भी काम मे वे ध्यान केंद्रित नहीं कर पते है या फिर वे ज्यादा कर दुविधा में रहते है ।

प्रमुख अवसादग्रस्तता विकार की सबसे बड़ी पहचान ये है की इस प्रकार की रोगी के मन मे खुद के बेकार होने या ग्लानि का अनुभव सबसे ज्यादा होता है । जिसके वजह से उनके मन मे लगातार मौत या आत्महत्या जैसे विचार आने लगते है ।

2- सतत अवसादग्रस्तता विकार – सतत अवसादग्रस्तता विकार या पर्सिसटेंट डिप्रेसिव डिसऑर्डर (Persistent Depressive Disorder) या पीडीडी (PDD) को अक्सर डिस्थीमिया (Dysthymia) भी कहा जाता है। ये हल्का, लेकिन गंभीर किस्म का डिप्रेशन है।

इस प्रकार का डिप्रेशन प्रमुख अवसादग्रस्तता डिप्रेशन से ज्यादा खतरनाक होता है क्योंकि ये ज्यादा लंबे समय तक मरीज को परेशान करता रहता है। इस प्रकार की डिप्रेशन मे रोगी मे काम करने की क्षमता घट जाती है , उसमे हमेशा आत्मसम्मान में कमी महसूस होने लगता है , उसे अपनी जिंदगी से किसी भी प्रकार की उम्मीद नहीं रहती है। और सबसे बड़ी बात की इस प्रकार की रोगी को रोजमर्रा के कामों में रुचि खत्म हो जाती है ।

डिप्रेशन का उपचार | Depression Se Bahar Kaise Nikale


डिप्रेशन का सफलतापूर्वक उपचार दो प्रकार से किया जा सकता है :-

1– खुद करे डिप्रेशन का उपचार – यहां दी गई जानकारी किसी भी चिकित्सीय सलाह का विकल्प नहीं है। यह सिर्फ शिक्षित करने के उद्देश्य से दी जा रही है।

डिप्रेशन का उपचार खुद किया जा सकता है यदि आप खुद पर विश्वास करे तथा यहाँ बताये गए तरीकों को अपनाए तब । हमने इन तरीकों से डिप्रेशन के रोगियों को ठीक होते हुवे देखा है ।

1- सबसे पहले अपने मन को शांत करे और सोचे की आपके अंदर ये तमाम नकरात्मक विचार क्यों आ रहे है । जब आपको आपके सवालों का जबाब मिल जाए तब ये सोचे की जिस वजह से आपके अंदर ये तमाम नकरात्मक विचार आ रहे है क्या वो वजह आपकी जिंदगी से बढ़कर है ।

2- अगर आपको लगता है की आपकी जिंदगी मे सबकुछ खत्म हो गया है तो फिर अपनी जिंदगी का एक उदेश्य तलाशे तथा उसे पूरा करने मे खुद को इतना व्यस्त कर दे की आपको कुछ और याद ही ना रहे ।

3- कभी भी अपनी तुलना दूसरों से मत करे नहीं तो ये आप मे हिन भावना पैदा करेंगी जिसके वजह से आप डिप्रेशन से बाहर नहीं निकल सकते है । आप हमेशा एक बात सोचे की आपको अपनी जिंदगी अपने लिए तथा अपने परिवार के लिए जीना है । कमी तो हर किसी मे होती है फर्क सिर्फ इतना होता है की किसी की कमी दिख जाती है तथा किसी की कमी छुप जाती है ।

4- अपनी गलतियों के लिए अपने आप को माफ करना सीखे । चाहे आप से वो गलती जानबूझ कर हुई हो या अनजाने मे । पर जो हो गया है उसे बदला नहीं जा सकता है पर उसे भूलकर जिंदगी को नये सिरे से जिया जा सकता है ।

5- मेडिटेशन करना सीखिये इसका अभ्यास करने से दिमाग से नकारात्मक विचार निकल जाते हैं। अध्यात्म के सहारे आप खुद को अकेला नहीं समझेंगे और धीरे-धीरे आप डिप्रेशन से बाहर निकलने लगेंगे ।

6- एक्सरसाइज करने से हमारे दिमाग में हैप्पी हॉर्मोन्स का उत्पादन बढ़ता है. जो कि आपके मूड को खुशनुमा बनाने में मदद करते हैं और आप डिप्रेशन से बाहर आ जाते हैं.

7- प्रकृति और पेड-पौधों से प्यार करना दिमागी शांति के लिए काफी फायदेमंद है. धीरे-धीरे प्रकृति की सहनशीलता आपके अंदर प्रवेश करने लगती है। आप खुद को गार्डनिंग में व्यस्त रख सकते हैं और नकारात्मक विचारों से दूरी बना सकते हैं।

8- म्यूजिक सुनने से भी डिप्रेशन से बाहर निकलने मे मदद मिलता है । क्योंकि म्यूजिक आपके तनाव और अवसाद को कम करने में मदद करता है। आप म्यूजिक की सहायता से अपना मूड बेहतर बना सकते हैं और इसकी मदद से मेडिटेशन भी कर सकते हैं। बस ध्यान रखें कि हैप्पी और प्यारा म्यूजिक सुनें, दर्द या गम वाला नहीं।

9- डिप्रेशन दूर करने के लिए आप आठ घंटे की नींद लें। नींद पूरी होगी तो दिमाग तरोताजा होगा और नकारात्मक भाव मन में कम आएंगे। प्रतिदिन सूरज की रोशनी में कुछ देर जरूर रहें। इससे अवसाद जल्दी हटेगा।

2- चिकित्सीय उपचार – जब आपका डिप्रेशन आपके कंट्रोल से बाहर हो जाए । तथा आपको लगे की ये बीमारी आपको नुकसान पहुँचा सकती है तब आप डॉक्टर से मिलने मे देर न करे । नहीं तो ये बीमारी आपके लिए जानलेवा हो सकती है । चिंता न करे क्योंकि डिप्रेशन का इलाज पूरी तरह संभव है ।

जब आप डॉक्टर से मिलने जाए तब आप अपने ट्रीटमेंट प्लान को अच्छे ढंग से फॉलो करें। क्योंकि आपका डिप्रेशन और भी दूसरी मानसिक और शारीरिक समस्याओं का कारण बन सकता है


अपने डॉक्टर से मिलने के बाद आप जो भी कुछ महसूस करते हैं, उसे अपने डॉक्टर से जरूर बताये । आपका डॉक्टर अगर आपको किसी मनोरोग विशेषज्ञ से मिलने की सलाह देता है तो आप उसे जरूर मिले ताकि ज्यादा बेहतर तरह से आपके डिप्रेशन का इलाज कर सके। आप अपने सारे लक्षणों को लिखकर रख लें । महत्वपूर्ण घटनाओं समेत अपने लाइफ की उन सारी पर्सनल इनफार्मेशन को भी लिख लें, जो आपकी इन भावनाओं, आपके विश्वास या विचारों के लिए जिम्मेदार हैं।

आपकी सारी दवाइयों के बारे में भी लिख लें, जिसमें विटामिन और सप्लीमेंट्स भी शामिल हैं। ऐसे सारे सवाल लिखकर रख लें, जो आप अपने डॉक्टर से पूछना चाहते हैं। जैसे क्या मेरे लक्षणों का संभावित जवाब डिप्रेशन है? क्या इसका समुचित इलाज संभव है ? क्या मुझे किसी तरह के टेस्ट्स भी करवानी चाहिए ।

आपका डॉक्टर भी आपसे बहुत सारे सवाल पुच्छ सकते है जैसे :- क्या आपके परिवार में या फिर आपके किसी रिश्तेदार को भी यही लक्षण हैं? , क्या आपको हमेशा ही बुरा महसूस होता है? या फिर आपका मूड बदलता रहता है?, आपने इस तरह के लक्षण को पहली बार कब देखा ?, क्या आपको कभी भी सुसाइड करने के विचार आता है ? क्या आपको इसके पहले कभी किसी तरह की मानसिक बीमारी हुई है ? आपकी नींद कैसी है? क्या आपकी प्रतिदिन की एक्टिविटी प्रभावित हो रही हैं?
क्या आपको ड्रग्स या अल्कोहल की बुरी आदत है? आपको इन सभी सवालों की तैयारी पहले से ही कर लेनी चाहिए ।

अगर आपका डॉक्टर ने डिप्रेशन से उबरने के लिए आपको कुछ दवाओं की सलाह दी है, तो बताये गए समय पर और सही मात्रा में डोज लें। आपके डॉक्टर की सलाह के बिना इन दवाओं को लेना बंद न करें।
आप अगर प्रेगनेंट होना चाह रहे हैं या फिर प्रेगनेंट हैं, तो फिर इस स्थिति में आपके डॉक्टर से अपनी दवाओं के बारें में बात जरूर करे ।

इसे भी पढ़े-
Sad Quotes in hindi | Sad Status in hindi | Hindi Sad Quotes
100+Life Quotes in Hindi | Hindi Quotes
80+ Life changing Quotes in Hindi – प्रेरक विचार जो आपकी जिंदगी बदल देंगे

Ragini Sinha

मैं रागिनी सिन्हा Founder of RaginiMotive.com. raginimotive.com की स्थापना के पीछे मेरी एक ही कोशिश है कि मैं अपने अनुभवों तथा ज्ञान को आपके साथ साझा करके आपकी कुछ मदद या आपको inspire कर सकूं। Thank You.

Leave a Reply

Your email address will not be published.