Biography of Warren Buffett in Hindi | वॉरेन बफेट की जीवनी

Biography of Warren Buffett in Hindi | वॉरेन बफेट की जीवनी

Biography of Warren Buffett in Hindi – दुनिया की कोई भी काम यदि मन लगाकर किया जाय तो कामयाब होने से दुनिया की कोई भी ताकत हमे रोक नहीं सकती है । इस बात को सच कर दिखाया है साधारण से परिवार मे जन्मे वॉरेन बफेट ने । जिन्हे आज दुनिया के सबसे अमीर लोगों मे से एक माना जाता है । वॉरेन बफेट के काबिलियत के वजह से ही उन्हे दुनिया का सबसे अमीर आदमी बिल गेट्स अपना सबसे बेहतरीन दोस्‍त और प्रेरक मानते है। चलिये जानते है इस पोस्ट मे हम वॉरेन बफेट के पूरी जिंदगी के विषय मे ।

Warren buffet शेयर बाजार की दुनिया में बेहतरीन निवेश कर के अमीरी की ऊंचाई हासिल है की तथा पूरी दुनिया के सामने अपनी सफलता की कहानी लिखी है । इसीलिए वो आज शेयर बाजार के सबसे बेहतरीन निवेशको में से एक माने जाते हैं । वो berkshire hathaway कंपनी के सीईओ भी है। फोर्ब्‍स पत्रिका द्वारा जारी की गई रैंकिंग के अनुसार वे दुनिया के सबसे अमीर व्‍यक्‍तियों में से एक हैं । 2008 में जारी की गई सूची के अनुसार उनकी नेटवर्थ 62 अरब अमरिकी डॉलर से ज्‍यादा है।

सबसे बड़ी बात ये हैं, कि बफेट ने अपनी कुल संपति का लगभग 85% हिस्सा Bill Gates की Bill & Melinda Gates Foundation को दान में दे दिया था जीसके वजह से इतिहास बन गया और वह दुनिया के सबसे बड़े दानी व्यक्ति बन गए।

Warren Buffett Biography in Hindi | वॉरेन बफेट की जीवनी

Biography of Warren Buffett in Hindi
Biography of Warren Buffett in Hindi

Biography of Warren Buffett in Hindi – वॉरेन बफेट का जन्‍म 30 अगस्‍त 1930 के ओमाहा के नेब्रास्‍का कस्‍बे में हुआ था। ओमाहा का होने की वजह से उन्‍हें ऑरेकल ऑफ ओमाहा के नाम से भी जाना जाता है। उनके पिता का नाम हावर्ड बफेट था तथा माता का नाम लीला स्‍टॉल थी । उनकी पत्‍नी सुसान थॉम्‍पसन, एस्ट्रिड मेंक्‍स काफी सुंदर विचारों की थी । 1952 ने बफेट ने अपनी पहली पत्नी सुसान थॉम्पसन से विवाह किया था। 2004 में उनकी मृत्यु हो गई, हालांकि यह जोड़ा 70 के दशक में अलग हो गया था। बफेट और सुसान के तीन बच्चे है : सुसान, हावर्ड और पीटर। वॉरेन बफेट मूल रूप से एक निवेशक थे तथा वे बर्कशायर हैथवे कंपनी सीईओ थे ।

वॉरेन बफेट वाॅशिंगटन डीसी के वुड्रो विल्‍सन हाई स्‍कूल से स्‍कूली शिक्षा पूरी की । पेंसिलवेनिया विश्‍वविद्यालय के व्‍हार्टन स्‍कूल से उपाधि लेन के बाद इन्‍होंने कोलम्बिया स्‍कूल ऑफ मैनेजमेंट से प्रबंधन की पढ़ाई की है।

वॉरेन बफेट के पिता भी शेयर बाजार में एक निवेशक और सलाहकार के तोर पर काम करते थे। वॉरेन ने शेयर बाजार में निवेश करने की कला अपनी पिता से सीखी । 11 साल की उम्र में उन्होंने पहला शेयर ख़रीदा तथा मामूली सा फयदा होने पर इन्होने वह शेयर बेच दिया। लेकिन थोड़े दिन बाद वह शेयर पांच सौ गुणा बढ़ गया, इस घटना से वॉरेन ने अपनी जिंदगी मे सफलता की वो राज सिख लिया जो उन्हे शेयर बाजार मे कभी भी हारने नहीं दिया । वॉरेन बफेट कहते है की यदि stock market में रहना है तो मार्किट में उथल पुथल चाहे कितना भी हो पर आपके अंदर धैर्य होना बहुत जरुरी है ।

Warren buffet Success story in hindi | Warren Buffett Biography in Hindi

Biography of Warren Buffett in Hindi – वॉरेन बफेट बचपन से ही काफी मेहनती थे , वे सुबह सुबह अखबार बेचने चले जाते थे और यह उससे महीने के 175 डॉलर कमाते थे , जो इनके टीचर से ज्यादा थे, बफेट 16 की उम्र में 50000 डॉलर की कमाई कर ली थी।

वॉरेन बफेट एक शेयर ब्रोकर के बेटे होने के कारण वे शेयर बाज़ार में बहुत कम उम्र में ही शामिल हो गये थे । 11 साल की उम्र में इन्होने पहला शेयर ख़रीदा और मामूली सा फायदा होने पर इन्होने वह शेयर बेच दिया। 13 साल की उम्र में इन्होने अपना इनकम टैक्स भर दिया, यह बचपन से जानते थे की में धनि आदमी बनूँगा और इसी सोच के आधार पर यह अपने कार्य करते आए है ।

वॉरेन बफेट एक शेयर ब्रोकर के बेटे होने के कारण वे शेयर बाज़ार में बहुत कम उम्र में ही शामिल तो हो गये थे । पर उनका जीवन सामान्य था । शायद आज वो सफलता की उस मुकाम को भी हासिल नहीं किये होते यदि उनकी मुलाकात बेंजामिन ग्राहम से न हुई होती । बेंजामिन भी एक शेयर बाजार निवेशक और परामर्शदाता थे। वॉरेन बफेट बेंजामिन से शेयर बाजार के के बहुत सी बारीकियों को सीखा । शेयर बाजार के उतार-चढ़ाव को किस तरह अपने फायदे का माध्‍यम बनाया जा सकता है। ये सब कुछ बेंजामिन से सीखने के बाद ही वो शेयर बाजार मे इतना सफलता हासिल कर पाये है।

Biography of Warren Buffett in Hindi – वॉरेन बफेट ने वैसे तो 13 साल की उम्र में ही अपने व्‍यवसाय की शुरुआत कर दी थी। उन्‍होंने 1943 में अपना पहला इन्‍कम टैक्‍स रिटर्न भरा था।15 साल की उम्र में उन्‍होंने एक पिन बॉल खरीदा और एक सलून में हिस्‍सेदारी के साथ रख दिया और देखते ही देखते कुछ ही महीनों में वॉरेन एक से बढ़कर तीन पीनबॉल के मालिक हो गए थे। बिजनेस का शुरुआत तो काफी अच्छी थिपर उन्हे कई बार असफलता की भी सामना करना पड़ा ।

उन्‍होंने हार्वर्ड बिजनेस स्‍कूल में शिक्षा के लिए आवेदन दिया लेकिन स्‍कूल ने भविष्‍य के इस सबसे महान निवेशक का आवेदन ठुकरा दिया। इसी तरह उन्‍होंने अपने शुरूआती निवेश में एक गैस स्‍टेशन खरीदा जिसमें उन्‍हें घाटा उठाना पड़ा। इसी दौर में जब वे व्‍यवसाय के हरेक फ्रंट पर जीत रहे थे, तभी म‍हज 22 साल की उम्र में वे सुसान थॉम्‍पसन पर अपना दिल हार बैठे और 1952 में दोनों ने शादी कर ली।

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वॉरेन की जिंदगी की सफलता की सीढि़यां | Biography of Warren Buffett in Hindi

वॉरेन ने अपनी जिंदगी मे काफी उतार चढ़ाव की सामना की परंतु उन्होंने अपनी जिंदगी मे सफलता की सीढि़यां चढ़ना तब शुरू की जब बेंजामिन ग्राहम ने उन्‍हें 12 हजार डॉलर वेतन पर अपनी फर्म में नौकरी पर रखा। इस नौकरी के दौरान ही उन्‍हें शेयर बाजार के उतार-चढ़ाव को फायदे के लिए इस्‍तेमाल किए जाने के तरीको की समझ को विकसित करने का अवसर मिला।

वॉरेन के इस काम को शुरू किये अभी सिर्फ दो वर्ष ही हुए थे की बेंजामिन ग्राहम ने सेवानिवृति ले ली। एक बार फिर बफेट को मुश्किलो का सामना करना पड़ा । वॉरेन ने इस बार अपना खुद का काम शुरू करने की योजना बनाई और बफेट पार्टनरशिप लिमिटेड के नाम से निवेश फर्म बनाई।

इस काम मे वॉरेन के हाथ काफी सफलता लगी । इस काम से उन्हे इतनी कामियाबी मिली की इसी फर्म में हुई अपनी कमाई से बफेट ने अपना पहला और वर्तमान घर 31 हजार 500 डॉलर में खरीदा। इसके बाद तो वॉरेन ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा और 1962 के आते-आते महज 32 साल की उम्र में अमेरिका की वो एक जाने माने करोड़पति बन चुके थे ।

वॉरेन की साझेदारियों की नेटवर्थ 7 करोड़ 17 लाख डॉलर से ज्‍यादा हो चुकी थी और इसमे से 10 लाख 25 हजार से ज्‍यादा की रकम अकेले वॉरेन की थी। इसके बाद उनकी जिंदगी में आया बर्कशायर हैथवे। वॉरेन ने तेजी से इस कंपनी के शेयर्स को खरीदना शुरू कर दिया और 1965 तक आते आते महज 35 साल की उम्र तक वो इस कंपनी का नियंत्रण अपने हाथों में ले लिया। इस कंपनी ने वॉरेन को सफलता की उस मुकाम तक पहुँचा दिया की जहाँ 1979 मे पहला साल था जब वॉरेन का नाम पहली बार फोर्ब्‍स की अमीरों की सूची में आया।

इसके बाद तो वॉरेन ने सफलता शब्‍द को भी छोटा बना दिया. उन्‍हें सर्वकालिक महान पूंजी प्रबंधक स्‍वीकार कर लिया गया. 2008 में उन्‍होंने बिल गेट्स को पछाड़ते हुए दुनिया के सबसे अमीर आदमी होने का खिताब भी अपने नाम कर लिया। इसी बीच 75 साल की उम्र में उन्‍होंने अपने रिटायरमेंट की घोषणा करते हुए अपनी संपति का बड़ा हिस्‍सा मिलिंडा गेट्स फाउंडेशन के नाम कर दिया और सिंपसन को अपना उत्‍तराधिकारी चुन लिया।

Success tips by warren buffet | Biography of Warren Buffett in Hindi

1- warren buffet हमेशा कहते है की आप अपने जिंदगी हमेशा उनलोगों के साथ रहिए जो आपसे ज्यादा समझदार है तथा जो आप से ज्यादा सफल है ।

2- Warren buffet कहते है की किसी भी काम या बिज़नेस में निर्णय लेने में देरी नहीं करना चाहिए क्यों की जो निर्लेणय लेने में देरी करता है वह अच्छा बिज़नेस मैन या लीडर बन ही नहीं सकता है.

3- Warren buffet ने महज 13 साल की उम्र मे अपनी केरियर की शुरुवात की तथा 35 साल की उम्र मे कारोड़पती बन गए । वो हमेशा कहते है की अपने समय की सदुपयोग कीजिए । क्योंकि जो व्यक्ति समय का सदुपयोग करते है उन्हे कामियाब होने से दुनिया की कोई भी ताकत रोक नहीं सकती है ।

4- वारेन बफेट कहते हैं बडी सफ़लता पाने के लिए आपके जिंदगी मे एक बड़ा उद्देश्य भी होना चाहिए । क्योंकि बिना उद्देश्य के आप उस रास्ते की तलाश ही नहीं कर सकते जो आपको आपकी मंजिल तक पहुँचाएगी ।


5- वो कहते है की अपने नॉलेज को बढ़ाने के लिए अपने ज्ञान में इन्वेस्ट जरूर करना चाहिए । क्योंकी नॉलेज ही आपको दुनिया से अलग बनती है।

Biography of Warren Buffett in Hindi के इस पोस्ट मे हमने जाना की सफलता हर काम मे संभव है । यदि हम उस काम को ईमानदारी और मेहनत के साथ करे तब । यदि आप किसी भी काम मे अपना 100% लगते है तो आपका सफल होना निश्चित है , पर यदि आप अपने काम मे अपना 100% नहीं लगते है तब आपको अपना वो काम छोड़ देना चाहिए क्योंकि जब तक आप अपना 100% नहीं लगाएंगे तब तक आप सफल नहीं हो सकते है ।

dear readers आपको मेरी ये पोस्ट कैसी लगी । आप अपना विचार हमारे साथ जरूर शेयर करे । मेरी पोस्ट मे यदि आपको कोई कमी लगती है तो वो भी आप हमे comment मे लिख कर बताये । ताकि मे अपने पोस्ट मे सुधार कर सकु ।

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Ragini Sinha

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